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Title : *श्री जयचंदलाल कर्वा माहेश्वरी हास्टल का लोकार्पण संपन्न

Date : 02/06/2019


Description :


प्रशासनिक सेवाओं की पढ़ाई हेतु दिल्ली आनेवाले माहेश्वरी समाज के युवाओँ के लिए पटेल नगर दिल्ली में ए. बी. माहेश्वरी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नौ करोड़ की लागत से निर्मित श्री जयचंदलाल करवा माहेश्वरी हॉस्टल का लोकार्पण सर्वोच्च न्यायालय के भू.पु. मुख्य न्यायाधीश श्री आर. सी. लाहोटी, ए. बी. माहेश्वरी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं बद्रीलाल सोनी ट्रस्ट भिलवाड़ा के अध्यक्ष तथा माहेश्वरी महासभा के पूर्व सभापति श्री रामपालजी सोनी, अ. भा. माहेश्वरी महासभा के वर्तमान सभापति श्री शामसुंदरजी सोनी, हिमाचल प्रदेश के एडीशनल चिफ सेक्रेटरी डा. श्रीकांतजी बाल्दी, श्री जयचंदलाल करवा माहेश्वरी होस्टल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नंदकिशोरजी कर्वा, बांगड़ ग्रुप आँफ इंडस्ट्रीज के एक्झेक्यूटीव डायरेक्टर श्री हेमंतजी बांगड़, आनंद राठी ग्रुप के अध्यक्ष श्री आनंदजी राठी, सुप्रसिद्ध उद्योगपति श्री किशनगोपालजी सोमाणी, ट्रस्ट सचिव श्री राजेंद्रजी काबरा, हास्टल के ट्रस्टियों एवं समाज के अनेक प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में आज संपन्न हुआ। छात्रावास का उदघाटन, अवलोकन के बाद सभी ट्रस्टी, समाज के प्रशासनिक अधिकारीगण एवं विशेष निमंत्रित महाराष्ट्र प्रदेश प्रशासनिक सेवा समिति प्रमुख प्रो. किशनप्रसादजी दरक, अजमेर जिला के अध्यक्ष श्री रमाकांतजी बाल्दी, सेक्रेटरी श्री एस. डी बाहेती आदी की उपस्थितीमें संपन्न सभा में मार्गदर्शन करते हुये श्री रामपालजी सोनी ने कहा कि भविष्य के नीति निर्धारक IAS/IPS ही होंगे। अतः समाज को दूरदर्शिता से इस क्षेत्र की ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने श्री बद्रीलाल सोनी ट्रस्ट व्दारा इस हेतु ₹ ५० लाख का फण्ड आरक्षित किये जाने की जानकारी देकर सिविल सर्विसेस में आनेके इच्छुक मेधावी तथा जरूरतमंद युवाओं को आर्थिक सहयोग देनेका आश्वासन दिया। इस हेतु प्रदेश सभाओं को प्रचार प्रसार का कार्य करनेकी सूचना देते हुये समाज के प्रशासनिक अधिकारीयों को यथासंभव मार्गदर्शन करनेका भी आग्रह किया। श्री शामसुंदरजी सोनी ने अपने उद्बोधन में समाज को सावधान किया कि अल्पसंख्यक होने के नाते हम राजनीति मे कायम नही रह सकते। लेकिन सिविल सर्विसेस के माध्यमसे नीति निर्धारक बनकर समाज एवं राष्ट्र की सेवा कर सकते है। उन्होंने सिविल सर्विसेस से संबंधित महासभा की त्रिस्तरीय योजना को स्पष्ट करते हुये विद्यार्थियों का डाटा बेस बनाना, सिविल सर्विसेस का महत्व-परीक्षा पध्दति-चयन प्रक्रिया-समाज व्दारा प्रदत्त सुविधाएं इत्यादि का व्यापक प्रचार प्रसार करना एवं इच्छुक युवाओं को इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना, इन बातोंको रखते हुये महाराष्ट्र प्रदेश सभा के माध्यमसे प्रो. किशनप्रसादजी दरक व्दारा किये जा रहे प्रयासों की भूरी भूरी प्रशंसा करते हूये सभी प्रदेशों मे ऐसे सेमिनार आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीकांतजी बाल्दी ने अपने संबोधन मे कहा की आज का दिन समाज के इतिहास मे सुवर्ण अक्षरों मे लिखा जायेगा। भव्य दिव्य एवं सभी सुविधाओं से सुसज्जित छात्रावास उपलब्ध कराने हेतु श्री जयचंदलाल कर्वा हास्टेल के सभी ट्रस्टीगण विशेषत: नंदकिशोरजी, नारायणजी तथा कमलकिशोरजी कर्वा बंधु एवं उनके परिवार के अथक प्रयासों को साधुवाद दिया। व्यापारी सबसे अधिक टैक्स देते है किंतु प्रशासन उन्हे उचित सम्मान नही दे पाता इस बातपर खेद प्रकट करते हुए अनेक उदाहरणों के साथ विचार रखा कि यदी प्रशासन मे समाज का प्रतिनिधित्व बढेगा तो व्यापारी, उद्योजक आदी की समस्याओं का सुयोग्य निराकरण होगा। हमारे युवाओँ मे इस हेतु जागरूकता लाने के लिए किशनप्रसादजी दरक व्दारा महाराष्ट्र मे तथा रमाकांत जी बाल्दी एवं एस. डी बाहेती व्दारा राजस्थान में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। वर्तमान मे समाज के प्रशासनिक सेवाधारी कम है, किंतु सभी के सामुहिक प्रयासों से आनेवाले समय में यह संख्या निश्चित बढेगी यह विश्वास भी व्यक्त किया। श्री आर. सी.लाहोटीजी ने अपने मंत्रमुग्ध करनेवाली शैली मे कहा कि प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए किंतु उसका अंतिम लक्ष राष्ट्रहित होना चाहिये। सिविल सर्विसेस के क्षेत्र में सज्जन एवं संस्कारित व्यक्ति आयेंगे तभी यह क्षेत्र पवित्र होगा, इसीलिये हमारे समाज के युवाओँ को आगे आना चाहिये। साथही उन्होंने समाज को चेतावनी दी की हमें हमारे युवाओं का बाहर देशों मे जाना एवं अन्य समाज में संबंध होना इन घटनाओं को "एक्सपोर्ट" की उपाधि दे कर इसे रोकने का सिविल सर्विसेस एक कारगर उपाय है यह सूचित किया। छात्रावास निर्माण हेतु कर्वा परिवार, अति विशिष्ट दानदाता ट्रस्टी श्री राधाकिशनजी दम्माणी (डी-मार्ट समूह), विशिष्ट दानदाता श्री रामपालजी सोनी, अन्य सभी ट्रस्टीगणों के योगदान का आदरपूर्वक उल्लेख करते हुये श्री लाहोटीजी ने समाज के युवाओँ से आग्रह किया कि वे अपने वैवाहिक बायोडाटा में यह उल्लेख करें की वह, माहेश्वरी छात्रावास मे पढें है। इससे यह सिद्ध होगा कि वह चरित्रवान, निष्ठावान, मेहनती व्यक्ति है। यह होस्टल संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार का केंद्र बने ऐसी शुभकामनाएं देते हुये उन्होंने अपने शब्दों को निम्न शेर के साथ विराम दिया- *कुछ ऐसी सिद्धत से निभाओ अपना किरदार कि पर्दा गिर जाये पर टालियां बजती रहे।* इस अवसर पर श्री हेमंतजी बांगड़, आनंदजी राठी आदी वक्ताओं ने भी प्रकल्प को शुभकामनाएं देते हुये सहयोग का आश्वासन दिया। ट्रस्ट के सेक्रेटरी श्री राजेन्द्रजी काबरा ने ट्रस्ट के कार्य का ब्यौरा देते हुये सभी उपस्थित मान्यवरों का स्वागत किया। मंच संचालन सुश्री रितु साबु एवं रमेशजी मर्दा ने किया। राष्ट्र गान के उपरांत सभा का समापन हुआ।.


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